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‘Me–Smith’

Me–Smith’ by Caroline Lockhart. Published by Good Press. Good Press publishes a wide range of titles that encompasses every genre. From well-known classics & literary fiction and non-fiction to forgotten−or yet undiscovered gems−of world literature, we issue the books that need to be read. Each Good Press edition has been meticulously edited and formatted to boost readability for all e-readers and devices. Our goal is to produce eBooks that are user-friendly and accessible to everyone in a high-quality digital format.

1000 Khel Kood Prashnottari

श्रीमती सुधा मूर्ति जी कन्नड़ भाषा की लोकप्रिय और प्रतिष्‍ठ‌ित लेखिका हैं । हिंदी में प्रकाशित आपका पहला उपन्यास ‘ महाश्‍वेता ‘ काफी लोकप्रिय सिद्ध हुआ है । दूसरा उपन्यास ‘ डॉलर बहू ‘ भी इसी प्रकार हिंदी का कंठाभरण बनेगा, ऐसी आशा है ।_x000D_
शामण्णा जी शिक्षक हैं, जो साधारण परिवार के हैं । गौरम्मा उनकी धर्मप्राण धर्मपत्‍नी हैं । इनके दो पुत्र हुए-चंद्रशेखर और गिरीश । एक पुत्री भी है सुरभि । चंद्रशेखर को विनुता से प्रेम हो गया, पर उसे अमेरिका जाना पड़ा । इसी बीच छोटे भाई गिरीश से विनुता का विवाह हो जाता है । चंद्रशेखर का विवाह धनाढ्य घर की बेटी जमुना से हुआ । वे दोनों अमेरिका में ही रहने लगे । जमुना को डॉलर से प्रेम था । गौरम्मा भी सर्वगुण- संपन्न विनुता की अपेक्षा जमुना को डॉलर के कारण अधिक चाहती थी ।_x000D_
फिर गौरम्मा अपने बेटे और बहू के पास अमेरिका चली जाती है । बहुत दिनों तक वहाँ रहने पर गौरम्मा को अपनी डॉलर बहू और डॉलर-प्रेम से नफरत हो जाती है और वह भारत लौट आती है । अब वह विनुता को महत्त्व देना चाहती है, पर गिरीश और विनुता, दोनों घर छोड़कर अलग शहर में रहने लगे थे । इस प्रकार गौरम्मा के लिए यह कहावत चरितार्थ होती है-‘ माया मिली, न राम ‘ ।_x000D_
भारत लौटकर गौरम्मा कहती है, ‘ मुझे न वह स्वर्ग चाहिए न वह सुख! हमारा वतन सुंदर है; हमारा गाँव है अच्छा !’. .मुझे तो विनुता की याद सता रही है । ‘_x000D_
इस उपन्यास में भारतीय अस्मिता और स्वाभिमान का पुनरुत्थान है । अमेरिका और डॉलर के चाकचिक्य से निभ्रांति इस उपन्यास का केंद्रीय बिंदु है । चरित्रांकण की मार्मिकता और शिल्प का सौष्‍ठव इस उपन्यास के अतिरिक्‍त आकर्षण हैं ।

1492

It was one of the most exciting periods in history. The impact of Gutenberg books was starting to be felt. Martin Luther was soon to touch-off the Reformation; and a wild-eyed adventurer by the name of Christopher Columbus was about to make obsolete every world map of his day. This is the story of Columbus, but it is not told through the eyes of an academic or an historian. It is told by a simple sailor-a Christian of secret Jewish ancestry-whose hopes and fears not only makes the story more engaging, but all the more realistic. From the fear and confusion of the first voyage, to the clash of the European and native American cultures, to Columbus’ final vindication, Mary Johnston’s talent for combining adventure and historical detail is at its finest. Everyone knows the story of Christopher Columbus, now read it from a whole new-and enormously refreshing-perspective. We have come to expect first-rate writing from Mary Johnston; but what surprises is the sheer emotional power of the book.

1857 Aur Bihar Ki Patrakarita

1857 और बिहार की पत्रकारिता

बिहार शुरू से ही विभिन्न आंदोलनों का केंद्र रहा है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में बिहार में लगभग आठ सौ लोगों को फाँसी पर चढ़ा दिया गया था। हजारों लोगों पर मुकदमा चलाया गया, सैकड़ों गाँव जलाए गए। इसमें शामिल विद्रोहियों की जमीन-जायदाद जब्त कर ली गई और उसे गद‍्दारों में बाँट दिया गया था।
वैसे तो बिहार में 1857 के महायुद्ध पर कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, पर मो. जाकिर साहब की इस पुस्तक की विशेषता है कि उन्होंने 1857 के दौरान उर्दू पत्र-पत्रिकाओं में इस विद्रोह के बारे में जो कुछ लिखा गया, उसे सिलसिलेवार ढंग से संकलित किया है। किसी भी विद्रोह या आंदोलन को तब की उपलब्ध रपटों और खबरों का अध्ययन कर समझा जा सकता है। इसमें अखबार-ए-बिहार, दिल्ली उर्दू-अखबार, अखबार-अल-जफर, सादिक-अल-अखबार और नदीम के बिहार विशेषांक में प्रकाशित 1857 से संबंधित खबरों और लेखों को शामिल किया गया है।
सन् सत्तावन के विद्रोह के दो साल पहले पटना से ‘हरकारा’ प्रकाशित हुआ था और सन् 1856 में ‘अखबार-ए-बिहार’ प्रकाशित होने लगा था। लेखक ने उर्दू की पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन कर 1857 के गदर से जुड़ी सामग्रियों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया है। ऐसे में यह पुस्तक अधिक प्रामाणिक और उपयोगी बन गई है।

1857 Ka Swatantraya Samar

वीर सावरकर रचित ‘१८५७ का स्वातंत्र्य समर’ विश्व की पहली इतिहास पुस्तक है, जिसे प्रकाशन के पूर्व ही प्रतिबंधित होने का गौरव प्राप्त हुआ। इस पुस्तक को ही यह गौरव प्राप्त है कि सन् १९०९ में इसके प्रथम गुप्त संस्करण के प्रकाशन से १९४७ में इसके प्रथम खुले प्रकाशन तक के अड़तीस वर्ष लंबे कालखंड में इसके कितने ही गुप्त संस्करण अनेक भाषाओं में छपकर देश-विदेश में वितरित होते रहे। इस पुस्तक को छिपाकर भारत में लाना एक साहसपूर्ण क्रांति-कर्म बन गया। यह देशभक्त क्रांतिकारियों की ‘गीता’ बन गई। इसकी अलभ्य प्रति को कहीं से खोज पाना सौभाग्य माना जाता था। इसकी एक-एक प्रति गुप्त रूप से एक हाथ से दूसरे हाथ होती हुई अनेक अंतःकरणों में क्रांति की ज्वाला सुलगा जाती थी।
पुस्तक के लेखन से पूर्व सावरकर के मन में अनेक प्रश्न थे—सन् १८५७ का यथार्थ क्या है?क्या वह मात्र एक आकस्मिक सिपाही विद्रोह था? क्या उसके नेता अपने तुच्छ स्वार्थों की रक्षा के लिए अलग-अलग इस विद्रोह में कूद पड़े थे, या वे किसी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक सुनियोजित प्रयास था? यदि हाँ, तो उस योजना में किस-किसका मस्तिष्क कार्य कर रहा था?योजना का स्वरूप क्या था?क्या सन् १८५७ एक बीता हुआ बंद अध्याय है या भविष्य के लिए प्रेरणादायी जीवंत यात्रा?भारत की भावी पीढि़यों के लिए १८५७ का संदेश क्या है? आदि-आदि। और उन्हीं ज्वलंत प्रश्नों की परिणति है प्रस्तुत ग्रंथ—‘१८५७ का स्वातंत्र्य समर’! इसमें तत्कालीन संपूर्ण भारत की सामाजिक व राजनीतिक स्थिति के वर्णन के साथ ही हाहाकार मचा देनेवाले रण-तांडव का भी सिलसिलेवार, हृदय-द्रावक व सप्रमाण वर्णन है।
प्रत्येक देशभक्त भारतीय हेतु पठनीय व संग्रहणीय, अलभ्य कृति!

1947 Ke Baad Ka Bharat

स्वतंत्र भारत की यह तथ्यपरक गाइड हमें उन घटनाओं और व्यक्तियों तक ले जाती है, जिन्होंने सन् 1947 के बाद के 70 वर्षों में भारत को आकार दिया है। स्वतंत्रता दिवस से शुरू होकर वह उन दशकों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करता है, जिनमें यह उपमहाद्वीप में प्रजातंत्र का उदय, आत्म-निर्भरता के विचार से प्रेरित एक अर्थव्यवस्था का एक ऐसी अर्थव्यवस्था में रूपांतरण, जो वर्ष 1990 के दशक के आर्थिक सुधारों से संचालित हो तथा अब भी जारी उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण, जिन्होंने भारत की विकास दर में वृद्धि की—इन सभी का साक्षी रहा है। यह पुस्तक एक दल के प्रभुत्ववाले युग से गठबंधन की राजनीति के युग में संक्रमण को भी रेखांकित करता है।
पुस्तक में शामिल की गई अन्य घटनाओं में ये भी हैं—
भारत बना प्रजातांत्रिक गणराज्य
पहले एशियन गेम्स
हिंदी बनी राजभाषा
भारत-पाकिस्तान एवं भारत-चीन युद्ध
पहला हृदय प्रत्यारोपण
पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण
पहली त्रिशंकु संसद्
शताब्दी ट्रेन की शुरुआत
उड़ान आर.सी.-814 पर जा रहे विमान का अपहरण
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना
हैदराबाद में केवल महिलाओं द्वारा संचालित महिला अस्पताल की स्थापना
कालक्रम से व्यवस्थित : 1947 से भारत कृषि, पुरातत्त्व और कला से लेकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खेल व युद्धों और बीच में अन्य सभी विषयों की एक विस्तृत शृंखला को शामिल करता है। प्रत्येक पृष्ठ पर आजादी और दिलचस्प लघु सूचना की एक अलग पंक्ति वाली रूपरेखा मुख्य घटनाओं को आकर्षक व पठनीय बनाती है।

1965 Bharat-Pak Yuddha Ki Anakahi Kahani

1965 भारत-पाक युद्ध की अनकही कहानी
1965 का युद्ध वर्ष 1947 में हुए विभाजन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पहला पूर्ण युद्ध था।
भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री वाई.बी. चह्वाण ने 22 दिन तक चले इस युद्ध का विवरण स्वयं अपनी डायरी में दर्ज किया था। इस पुस्तक में बताई गई अंदरूनी बातों से पता चलता है—
• पाकिस्तानी हमले के समय का पता करने में भारत का खुफिया विभाग बिलकुल विफल रहा।
• कैसे और क्यों चह्वाण ने प्रधानमंत्री को सूचित किए बिना ही वायुसेना को हमला करने का आदेश दे दिया।
• कैसे एक डिवीजन कमांडर को अभियान से अलग कर दिया गया।
• कैसे एक सेना कमांडर ने अपनी ‘रेजीमेंट के महान् गौरव’ के लिए 300 से अधिक लोगों को कुरबान कर दिया।
• भारतीय सेना ने लाहौर के अंदर कूच क्यों नहीं किया?
• कैसे प्रधानमंत्री ने अपना धैर्य बनाए रखा और युद्ध के समय एक महान् नेता बनकर उभरे।
• क्या यह युद्ध निरर्थक था, भारत ने युद्ध के मोर्चे पर जो कुछ जीता था, क्या वह सब ताशकंद में गँवा दिया था?
और अंत में, राजनीतिक नेतृत्व ने कैसे रक्षा बलों के नेतृत्व के साथ फिर से अपने समुचित संबंध बहाल कर लिये और 1962 के भारत-चीन युद्ध के समय पैदा हुई कड़वाहट को मिटा दिया।
यह पुस्तक वायुसेना के सम्मान में लिखी गई है, जिसे स्वतंत्रता के बाद पहली बार युद्ध में लगाया गया था। यह उन बख्तरबंद रेजीमेंटों को भी श्रद्धांजलि है, जो इस युद्ध में बड़ी वीरता से लड़ीं और पैटन टैंकों के सर्वश्रेष्ठ होने के मिथक को तोड़ दिया।

1965 Bharat-Pak Yuddha Ki Veergathayen

भारत व पाकिस्तान के बीच हुए सन् 1965 के ऐतिहासिक युद्ध को पचास वर्ष से अधिक हो गए हैं। यह पुस्तक उस युद्ध के वीरों, हुतात्माओं और उनके पराक्रम की शौर्यगाथा है। 1 सितंबर, 1965 को पाकिस्तान द्वारा जम्मू व कश्मीर के छंब जिले पर हमले से ऐसे युद्ध की शुरुआत हुई, जिसमें बड़े पैमाने पर हथियारों व सैन्य-शक्ति का उपयोग किया गया। यह भारतीय सेना के सैनिकों का साहस व कुर्बानियाँ ही थीं, जिनके कारण हमने पाकिस्तानी घुसपैठ का समुचित उत्तर देते हुए देश को जबरदस्त सैन्य विजय दिलाई।
सन् 1965 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना द्वारा लड़ी गई पाँच प्रमुख लड़ाइयों के ऐतिहासिक तथ्य और एक्शन-प्लान तथा युद्ध में लड़नेवाले सेवानिवृत्त सैनिकों के साक्षात्कारों द्वारा उन घटनाओं का भी विवरण दिया गया है, जिनका आज तक कभी खुलासा नहीं हुआ। इस पुस्तक में हाजी पीर, असल उत्तर, बार्की, डोगराई व फिल्लोरा में हुई लड़ाइयों और उनमें पराक्रम दिखानेवाले हमारे बहादुर युद्ध-नायकों से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियों को भी स्थान दिया गया है।
युद्ध-इतिहास की यह पुस्तक हमारे सैनिकों के अप्रतिम युद्ध-कौशल और उनके पराक्रम को नमन-वंदन करने का एक विनम्र प्रयास है।

1971 Bharat-Pak Yuddha

1971 का भारत-पाक युद्ध

सन् 1971 के अंत तक याह्या खाँ पूरी तरह से विश्वस्त हो चुके थे कि भारत के साथ पूर्व में युद्ध करना अनिवार्य हो चुका है। वे इस बात को लेकर भी विश्वस्त थे कि उनके लिए भारतीय सेनाओं को पराजित करना संभव नहीं है तथा वे पूर्वी पाकिस्तान का बलिदान करने के लिए तैयार थे। वहीं उन्हें यह भी विश्वास था कि वे पश्चिम में एक विशाल क्षेत्र पर कब्जा करके पूर्वी पाकिस्तान की क्षतिपूर्ति कर लेंगे तथा इसके द्वारा ‘वे न केवल भारत को नीचा दिखाने और अपना सम्मान बनाए रखने में सफल रहेंगे, अपितु युद्ध के अंत में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में होंगे।’
परंतु सन् 1971 में भारत के जाँबाज सैनिकों ने पाकिस्तान के नब्बे हजार सैनिकों को बंदी बनाकर ऐसा करिश्मा कर दिखाया, जो सारी दुनिया में बेजोड़ था। इस पुस्तक में 1971 की शानदार विजय की गौरव गाथा के साथ-साथ उड़ी क्षेत्र में सन् 1947-48 तथा 1965 के दौरान 161 इन्फैंट्री ब्रिगेड एवं अन्य सैन्य टुकड़ियों के द्वारा उनके नियंत्रण-क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए सैन्य अभियानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया है। लेफ्टिनेंट जनरल के.के. नंदा ने अपनी 161 इन्फैंट्री ब्रिगेड का नेतृत्व करते हुए रक्षात्मक युद्ध लड़ा और अपनी बहादुरी एवं दूरदर्शिता से भारत की एक इंच भूमि भी दुश्मन के कब्जे में नहीं जाने दी।
प्रस्तुत पुस्तक का अपना सामरिक महत्त्व है। भविष्य में युद्धों की योजना बनाते समय विभिन्न स्तरों के कमांडर इसके विवरणों से भरपूर लाभ उठाएँगे तथा भारत की सीमाओं की रक्षा में प्राणपण से सफल होंगे।

1984

Nineteen Eighty-Four: A Novel, often referred to as 1984, is a dystopian social science fiction novel by English novelist George Orwell. It was published on 8 June 1949 by Secker & Warburg as Orwell’s ninth and final book completed in his lifetime. Thematically, Nineteen Eighty-Four centres on the consequences of totalitarianism, mass surveillance, and repressive regimentation of persons and behaviours within society. Orwell, himself a democratic socialist, modelled the authoritarian government in the novel after Stalinist Russia. More broadly, the novel examines the role of truth and facts within politics and the ways in which they are manipulated.

1st & Last Things a Confession

This work has been selected by scholars as being culturally important, and is part of the knowledge base of civilization as we know it. This work was reproduced from the original artifact, and remains as true to the original work as possible. Therefore, you will see the original copyright references, library stamps (as most of these works have been housed in our most important libraries around the world), and other notations in the work.This work is in the public domain in the United States of America, and possibly other nations. Within the United States, you may freely copy and distribute this work, as no entity (individual or corporate) has a copyright on the body of the work.As a reproduction of a historical artifact, this work may contain missing or blurred pages, poor pictures, errant marks, etc. Scholars believe, and we concur, that this work is important enough to be preserved, reproduced, and made generally available to the public. We appreciate your support of the preservation process, and thank you for being an important part of keeping this knowledge alive and relevant.

2 B R 0 2 B

2 B R 0 2 B’ is a short story by renowned science fiction writer Kurt Vonnegut. The title is pronounced as “2 B R naught 2 B”, referencing to the famous phrase “to be, or not to be” from William Shakespeare’s ‘Hamlet’. In this story, the title refers to the telephone number one dials to schedule an assisted suicide with the Federal Bureau of Termination. The setting is a society in which aging has been cured, individuals have indefinite lifespans, and population control is used to limit the population of the United States to forty million. This is maintained through a combination of infanticide and government-assisted suicide. In short, in order for someone to be born, someone must first volunteer to die. As a result, births are few and far between, and deaths occur primarily by accident.

2 Magics the Turn of the Screw

This work has been selected by scholars as being culturally important, and is part of the knowledge base of civilization as we know it. This work was reproduced from the original artifact, and remains as true to the original work as possible. Therefore, you will see the original copyright references, library stamps (as most of these works have been housed in our most important libraries around the world), and other notations in the work.This work is in the public domain in the United States of America, and possibly other nations. Within the United States, you may freely copy and distribute this work, as no entity (individual or corporate) has a copyright on the body of the work.As a reproduction of a historical artifact, this work may contain missing or blurred pages, poor pictures, errant marks, etc. Scholars believe, and we concur, that this work is important enough to be preserved, reproduced, and made generally available to the public. We appreciate your support of the preservation process, and thank you for being an important part of keeping this knowledge alive and relevant.

20 Dictators of the World

In the late nineteenth and twentieth century, with the disappearance of monarchies in many parts of the world, a new autocratic system emerged – the dictatorship, in which all power over a state or community was again concentrated into the hands of one person, without being restricted by constitution, laws or opposition. The individual with this kind of absolute authority was known as the dictator.
Here are the twenty dictators of modern times whose actions have left a strong imprint on destiny of the country they ruled, and sometimes even influenced the very history of the world.
More often though, dictators rose to the power by leading a coup d’état, in which often a weak monarch of government was deposed and instead a dictatorship established. A nice read book to deep into history.

20 Greatest Astronauts of the World

There have been many astronauts who have made tremendous contributions to our knowledge of space. But asking “who is the most famous?” is somewhat tricky. For one, it’s a bit subjective. And second, it can be hard to objectively measure just how important and individuals’ contributions really are. Surely, all astronauts are deserving of recognition and respect for their bravery and contributions to the pursuit of knowledge.

20 Greatest Authors of the World

What would the world be without writers and, that too, great writers? They have authored several books and left behind for us their thoughts in their works. These books have inspired, enriched and guided many lives. Through the knowledge imparted to us in these books, we are able to understand various aspects of life and the world at large. In their books, they have viewed life from different perspectives and presented to us their philosophy.
Right from Homer to the present age, there have been numerous authors who have not only provided knowledge but also shared their experiences and enhanced the quality of life. They are our invisible guides, mentors and, of course, friends. It is impossible for a book to contain all great authors. Therefore, only twenty great authors have been selected. This book will apprise readers about these great authors whose names are written with golden letters in the history of literature.

20 Greatest Explorers of the World

The urge to explore is an ancient one in the human species. The earliest explorations were driven by physical needs like food and shelter. But later with greater resources at their disposal, human beings became curious about
their extended geographical environment and began to venture further from their safe zone.
Over time mankind began to recognize that with successful exploration came rewards. In fact access to virgin natural resources was one of the driving factors behind the Golden Age of Exploration during the 15th and 16th centuries when many significant discoveries were made about the geography of the Earth. Again in the eighteenth and nineteenth centuries, much of the exploration of Africa and Asia were driven by the need to discover and colonize new markets for goods made by European countries.
The 20 Greatest Explorers of the World traces these currents in the journey of human exploration by focusing on the most famous explorers in history as well as some lesser known names who are nevertheless responsible for charting new territories. Ranging from classical Greece to the mid twentieth century, traversing all parts of the globe and indeed beyond it, these explorers are testament to the fact that the desire to know and discover has inspired humans across time and space in history.

20 Greatest Reformers of the World

Society is always in a flux. No matter how stable a community or country seems, certain forces within it are always pushing it in one or another direction, sometimes even in several different directions at the same time. And it is because of these inherent forces of change that certain ideas, ways of thinking and living in a social group wither away while others take their place.

20 Greatest Scientists of the World

It is impossible to imagine the world without science and the scientists. It is the scientists and their contributions that have transformed man and his life from a primitive one to a civilized one. They had to go through many tribulations before what they professed was accepted by the people of that time. Their inventions may seem simple to our eyes today, but to the people of that time they were preposterous.
Among the most remarkable similarities that emerge when one considers together these writings from the likes of Albert Einstein, James Watt, Marie Curie, and others, is the sense of wonder and outright awe at what the study of the natural world can reveal. From this book it is clear that science and all parallel attempts to understand our human existence—including fields like philosophy to theology—are viewed as nothing less than grand adventures to those that are probing the limits of what we know.

20 Greatest Sportstars of the World

Successful athletes are real-life super heroes of today. With their awe-inspiring physical stamina, sporting prowess and often rugged good looks, these personalities are courted by billion-dollar brands as well as global audiences across all media platforms. In this way, sports-persons turn into sportstars and then often into cultural icons as well.
For the purposes of this book though, this is not enough. The genuinely successful sportspersons are those who have had some far-reaching impact on the sport or game concerned. They may have brought about a major innovation in the way the sport is played or perhaps popularised the sport in a way that it was not before. Additionally, some sportspersons may have had raised the bar so high in their particular sport that for years and decades, the records they set remained unbroken.
Based on such achievements, this book has zeroed on these twenty sportspersons who are truly the greatest of all time. These men and women have not just attained fame and financial success – some belonging to the earlier half of the twentieth century in fact did not – but have contributed to their game and to sports in general, in such a way so as to award high points in the evolution of the human both in body and mind.

20 Super Women

एक ऐसे देश में, जहाँ नारी की पूजा धन, ज्ञान, शक्ति और असीम ऊर्जा की देवी के रूप में की जाती है, वहाँ ऐसी भी महिलाएँ हैं, जिन्होंने साबित किया है कि ऐसा क्यों है। इस क्रम में उन्होंने न केवल अपनी प्रतिभा को एक प्रमुख स्थान दिलाया, बल्कि कई दूसरों को प्रेरित और सशक्त भी किया है।
इस पुस्तक में ऐसी बीस महिला उद्यमियों की कहानियाँ है, जिन्होंने अपनी सेवा का लाभ पानेवालों के साथ व्यक्तिगत और व्यावसायिक घनिष्ठता बनाई और उनके दिल को छू लिया। उनके अनोखे व्यवसाय इतने विविध हैं कि उनमें एसिड हमले की पीडि़तों की मदद से लेकर त्वचा की मुफ्त देखभाल, अंतर्वस्त्रों, हाथ से बने बैग और फैशन के सामानों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों के इको-फ्रेंडली उत्पादों की ऑनलाइन खुदरा बिक्री तक और कला संबंधी सुझावों से लेकर मार्केटिंग तथा कॉरपोरेट संवाद के अनोखे उपायों तक, तथा खुश रहनेवाले पाठकों का वर्ग तैयार करने से लेकर धार्मिक आयोजनों को सरल बनाने तक की सेवा शामिल हैं। इस प्रकार, इन उद्यमियों ने अनजाने रास्तों को खोला है।
सुपर वूमेन एक ऐसा दिलचस्प सफर है, जो दिखाता है कि किस प्रकार उन सभी ने अपनी भूमिका को पूर्णता से निभाते हुए, अपनी अभिलाषा को परिवार के साथ जोड़े रखा और दुनिया को अपनी सच्ची प्रतिभा का लोहा मनवाया।
नारी की उद्यमिता, कर्तृत्व और सफलताओं की सफल गाथा है यह पुस्तक।

201 Prerak Neeti Kathayen

201 प्रेरक नीति कथाएँ—शिवकुमार गोयल

धर्मशास्‍‍त्रों, नीतिशास्‍‍त्रों की कथाएँ तथा ऋषि-मुनियों, वीर-वीरांगनाओं, विभिन्न क्षेत्रों के आदर्श पुरुषों के जीवन प्रसंग आदर्श जीवन जीने, अपना कर्तव्यपालन करने की प्रेरणा देने में हमेशा से सहायक रहे हैं। बच्ïचे दादा-दादी, नाना-नानी व माता-पिता के मुख से प्रेरक कथाएँ सुनने के लिए लालायित रहा करते हैं। इन आदर्श कथाओं, पावन प्रसंगों से बालकों को सत्य बोलने, माता-पिता, वृद्धजनों व गुरुजनों की सेवा व सम्मान करने, धर्मानुसार आदर्श जीवन जीने की स्वत: प्रेरणा मिलती है। 201 प्रेरक नीति कथाएँ की सरल-सुबोध कहानियाँ हमारे जीवन की दिशा बदलने की क्षमता रखती हैं। सद्ïगुण, सदï्विचार, सदाचार—यानी मानव जीवन के लिए आवश्यक सभी गुणों की खान हैं ये नीति कथाएँ। इन्हें पढ़कर हम सन्मार्ग पर चलें और धर्ममय नीति-रीति से जीवन जिएँ तो इस संग्रह का प्रकाशन सार्थक होगा।

222 Shikshaprada Bodh Kathayen

222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ—शिवकुमार गोयल

नीतिशास्‍‍त्र में कहा गया है कि यदि किसी को अपना मानव जीवन सार्थक करना हो तो उसे सत्पुरुषों का सत्संग, धर्मशास्‍‍त्रों तथा सत्साहित्य का अध्ययन करना चाहिए। गीता में कहा गया है कि जो महापुरुषों के श्रीमुख से कल्याणकारी बातें सुनकर उनकी उपासना-अनुसरण करते हैं, उनका जीवन सहज ही में आदर्श बन जाता है।
222 शिक्षाप्रद बोध कथाएँ में रामायण, महाभारत, पुराणों, वेदों, उपनिषदों की कथाएँ और संत, महात्माओं व विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख महापुरुषों के प्रेरणाप्रद जीवन के आख्यानों और दृष्‍टातों को सरल भाषा में कथाओं के रूप में चुनकर प्रस्तुत किया गया है। ये बोध कथाएँ मनुष्य के लिए ‘दीप स्तंभ’ का काम करती हैं। हमारी निराशा-हताशा दूर कर हमें कर्मनिष्‍ठ बनने की प्रेरणा देती हैं।
आशा है, पाठक इनसे धर्ममय जीवन जीने, संस्कारित बनने तथा राष्‍ट्रभक्‍ति की प्रेरणा प्राप्‍त कर सकेंगे।

25 Greatest Inventors of the World

Humans are an ingenious species. Though we’ve been on the planet for a relatively short amount of time (Earth is 4.5 billion years old), modern Homo sapiens have dreamed up and created some amazing, sometimes far-out, things. From the moment someone bashed a rock on the ground to make the first sharp-edged tool, to the debut of the wheel to the development of Mars rovers and the Internet; several key advancements stand out as particularly revolutionary. Here are our top picks for the most important inventions of all time, along with the science behind the invention and how they came about.

25 Most Common and Hidden Diseases of Women

This book shares the most common and hidden women diseases about which most of the women don’t know or even if they do, they do not realize how easily they can cure it with a few small lifestyle changes.
This book stresses on how by doing yoga and implementing some dietary changes women can keep themselves fit and safe from diseases.

25 Success Business Stories

ए. वेलुमणि मुंबई में अपने पहले दिन एक रेलवे प्लेटफॉर्म पर सोए। ध्रुव शृंगी लंदन में अपनी नौकरी से निकाल दिए गए और इरफान रजाक बेंगलुरु के एक रेडीमेड गारमेंट स्टोर में सेल्समैन थे। उन सभी ने आगे चलकर अपना ही व्यवसाय स्थापित किया। उन्होंने ऐसा कैसे किया?
बेहद लोकप्रिय लेखक प्रकाश अय्यर आपको बीस भारतीय उद्यमियों के बेहद करीब ले जाते हैं, जब वे उद्यमी उन्हें बताते हैं कि वे कैसे प्रेरित हुए, आगे बढ़ने का हौसला उन्हें कैसे मिला और हम उनसे क्या सीख सकते हैं।
अभिषेक लोढ़ा ऐसा क्या करते हैं, जिससे उनके कर्मचारी कुछ ज्यादा करने की इच्छा रखते हैं? अनेक उद्यमों को एक साथ सँभालनेवाली मीना गणेश के पास काम और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का कौन सा रहस्य है? और गौरव मार्या ने एक टेस्ट मैच से क्या सीखा, जो समय से पहले ही खत्म हो गया?
यह पुस्तक ऐसी कहानियों से भरी है, जो उद्यमशीलता की भावना का जश्न मनाती हैं। कहानियाँ सफलता की, संघर्ष की और टिके रहने की। शुरुआत करने, तरक्की करने, सफर का आनंद उठाने और ऐसी उम्मीद जगानेवाली कहानियाँ कि वे मंजिल तक पहुँच जाएँगे, बशर्ते ऐसी कोई मंजिल है। सफलता अपने पीछे रास्ते छोड़ जाती है। आप चाहे एक उद्यमी हैं या एक कर्मचारी, गृहिणी हैं या एक छात्र, आपके पास उन पुरुषों व स्त्रियों से सीखने का अवसर है, जिन्होंने अपने अंदर के उद्यमी को उन्मुक्त कर किया। उन्होंने कर दिखाया और अब ‘आप भी कर सकते हैं।’

25 Super Brands

बिजनेस स्कूल के छात्रों को पढ़ाया जाता है-
‘‘ब्रांड यानी उत्पाद विशेष का नाम एक ट्रेडमार्क।’’

वेबस्टर्स शब्दावली के अनुसार ब्रांड यानी…
”A mark Burned on the Skin with hot iron.”

हिंदी में इसका भावार्थ है…
‌‘‘व्यक्‍त‌ि के शरीर पर उसकी पहचान दाग देना।’’

यही इस पुस्तक का सार है ।
ब्रांड किसी उत्पाद का केवल नाम नहीं होता । उसके उत्पादक का पैटेंटेड ट्रेडमार्क भी नहीं होता । ग्राहक जब ‘ फेविकोल ‘ खरीदता है तो उसके साथ इस विश्‍वास का मूल्य भी चुकाता है कि इसका जोड़ निकाले नहीं निकलेगा । एडीडास या बाटा के जूते हों, मैक्डॉनल्ड्स के फास्ट फूड हो या बाबा रामदेव की ओषधियाँ-ग्राहक इनके साथ एक भरोसा खरीदता है । ब्रांडेड उत्पाद केवल वस्तु का मूल्य प्राप्‍त नहीं करते, वे एक भरोसे’ एक विश्‍वास की कीमत भी वसूल करते हैं । वही ब्रांड मार्केट लीडर बनते हैं या लंबी पारी खेलते हैं, जो अपने पर ‘ दाग ‘ दी गई ‘ पहचान ‘ को एक बार नहीं, हर बार सही साबित करते हैं ।

25 Top Motivators Ke Inspiring Vichar

मोटिवेटर, एक ऐसा व्यक्ति, जो आपको कह सके—यस, यू कैन डू इट। बड़े-से-बड़ा और छोटे-से-छोटा व्यक्ति सराहना और प्रोत्साहन चाहता है, अपने काम की तारीफ चाहता है; लेकिन उसी तारीफ में हम सबसे ज्यादा कंजूसी करते हैं। हम अपने से जुड़े प्रिय लोगों को ज्यादातर उनकी कमियाँ ही बताते रहते
हैं। जीवन में कभी-कभी ही कोई मौका आता है, जब हमने खुलकर उनकी तारीफ की हो।
यह पुस्तक अमिताभ बच्चन, ऑग मैंडिनो, ओपरा विनफ्रे, किरण बेदी, जिग जिगलर, जैक कैनफील्ड, ब्रायन ट्रेसी, लुइस एल. हे, शिव खेड़ा सहित 25 टॉप मोटिवेटर्स के जीवन का निचोड़ है। उनकी ओजस्वी वाणी, प्रेरणाप्रद जीवन, रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों, दूरदर्शिता और उद्यमिता की ज्ञानधारा है। ये विचार न केवल आपको प्रेरित करेंगे, संकट से उबरने का मार्ग दिखाएँगे, अवसाद होने पर आशावाद जाग्रत् करेंगे, जीवन की सार्थकता सिद्ध करने की दिशा देंगे और आपको एक सफल और समर्थ व्यक्ति बनने की ऊर्जा देंगे। आइए, इन शिखर पुरुषों के प्रेरक जीवन से सीखें और जीवन में उन्नति-प्रगति के पथ पर अग्रसर हों।

251 Amazing Facts of Mathematics

Mathematics pertains not only to calculations. Its inner beauty can be judged once you dive deep into the ocean of mathematics and bring to the surface some interesting pearls for self satisfaction. The deeper you dive, the better are the chances of obtaining pearls of superior quality.
This book is a collection of 251 informative mathematical facts that have been gleaned through several years of extensive research. It not only deals with the history of ancient mathematics but also focuses on researches undertaken in recent times. The information collected here is so interesting and informative that lovers of mathematics and researchers alike will find this book of immense help.
Potential mathematician as well as lovers of mathematics will be able to glimpse the other side of mathematics which is rarely observed in any book. Also useful for students of all classes that will help them develop interest in Mathematics.

30 Strange Stories

The buying of orchids always has in it a certain speculative flavour. You have before you the brown shrivelled lump of tissue, and for the rest you must trust your judgment, or the auctioneer, or your good-luck,

31 Green Habits to Save Our Planet

Rohit Mehra is an IRS officer of 2004 batch. He is a man of versatile hobbies, passions and creativity. He is an author, blogger and motivational speaker. He is a passionate environmentalist and pioneer of vertical gardens in India. He is known as Greenman and has created more than 40 micro- jungles using the principles of Vruksayurveda and Miyawaki. He has planted nearly 7.50 lakhs plants in nearly 4 years and created more than 550 vertical gardens. He has spearheaded the movement of seed-balls in India and has got made and distributed close to 20 lakhs seed-balls in last 3 years which in itself is a record. He has created 2 mobile applications by the name ‘Sundari’ and ‘Election-Eye’. He has been the guiding force to create a mobile app ‘Tirth-yatra’. He is running a successful blog on personality development by the name ‘Design Your Destiny’. He has also written articles on various topics which have featured in national newspapers.

365 Chutkule

किसी भूले को ढब्बूजी राह बताते हैं तो किसी हारे को जीने की शक्ति भी देते हैं। लेकिन उनमें सबसे बड़ा गुण यह है कि वह जात-पाँत, ऊँच-नीच के भेदभाव नहीं मानते। यही कारण है कि ढब्बूजी के चाहनेवाले कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और भारत से लेकर अमेरिका, रूस, चीन तक फैले हुए हैं। इन लाखों प्रशंसकों में एक आप भी हैं। ढब्बूजी का आपको सलाम —आबिद सुरती

365 Din Khush Kaise Rahe

चेहरे पर हँसी और मुसकान को देखकर खुशी को परिभाषित नहीं किया जा सकता है। खुशी चेहरे पर नहीं, अंतर की गहराई में होती है, जो चेहरे पर झलके, यह जरूरी नहीं है। वैसे खुश रहने का कोई फॉर्मूला नहीं होता। लोग अपने आप में खुश रहते हैं। किसे किस बात में खुशी मिलेगी, यह कहा नहीं जा सकता। वे खुद भी सहीसही नहीं बता सकते हैं कि उन्हें किस बात में खुशी मिलेगी। हर कोई अपने आप में खुश रहता है या अपने आप में दुःखी रहता है। खुश रहने का लोगों का अपनाअपना सिद्धांत है, अपनाअपना तरीका है, अपनाअपना विचार है।
निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि खुश रहना अपने हाथ में है। किसी को बड़ी उपलब्धि पर खुशी मिलती है तो किसी को छोटी उपलब्धि पर बड़ी खुशी मिलती है। कोई छोटी बात पर बहुत खुश हो जाता है, कोई बड़ी बात पर भी खुश नहीं हो पाता है। यानी जो जिस बात में अधिक खुशी ढूँढ़ता है, वह उतना ही अधिक खुश होता है। जो कम खुशी ढूँढ़ता है, वह कम खुश रहता है।
प्रस्तुत पुस्तक में यही बताया गया है कि खुशियाँ दिखाई नहीं देतीं, महसूस की जाती हैं। खुशियाँ हमारे आसपास ही बिखरी पड़ी हैं। बस, उन्हें समेटने की जरूरत है, सुनहरे पलों में कैद करने की जरूरत है। हम अगर छोटेछोटे पहलुओं में खुशियाँ ढूँढ़ें तो हमारे पास दुःख नाम की चीज नहीं रह जाएगी।

365 Kahaniyan

महापुरुषों की जीवनी में अकसर पाया जाता है कि बचपन में उन्हें ढेर सारी कहानियाँ सुनने-पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ था। चाहे वे कहानियाँ नाना-नानी से सुनी हों या खरीदकर पढ़ी हों, एक बात निश्चित है—उन महापुरुषों को महान् बनाने में कहानियों का योगदान कम नहीं था। वैसी ही रोचक, ज्ञान बढ़नेवाली इस संकलन की कहानियाँ हैं। हर रोज आपको सिर्फ एक कहानी पढ़नी है। पढ़कर थोड़ा चिंतन-मनन करना है।
लगभग सभी कहानियों से सच, एकता, भाईचारे की महक आती है। क्या इनका मकसद विश्व में प्रेमधर्म का प्रचार करना है? क्या इसी कारण ये कहानियाँ देश-विदेश में यात्रियों की तरह घूमती रहती हैं?
दूसरा, भारत की कहानी भेस बदलकर जर्मन कहानी कैसे बन जाती है? जर्मन कहानी नए रूप-रंग के साथ चीन में कैसे घुस जाती है? चीनी कहानी का ‘अलादिन’ सारे संसार के बच्चों का प्रिय पात्र कैसे बन जाता है?
नए-नए सवाल उठें तो माता-पिता या मास्टरजी से जवाब भी तलब करने हैं।
यही रहस्य है महान् बनने का, यही मार्ग है जीवन को सफल बनाने का, देश को आगे बढ़ाने का।
यह पुस्तक बच्चे, युवा और वृद्ध सभी तरह के पाठकों के लिए है। इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें चुनी हुई ऐसी कहानियाँ दी गई हैं, जो हमें कुछ-न-कुछ अपने आप में कहानी सी कहते दिखते हैं। इन उपदेशात्मक कहानियों और चित्रों ने पुस्तक की उपयोगिता को और बढ़ा दिया है।

41 Tips For Success in Share Market

This book is the latest one by renowned research analyst, Mahesh Chandra Kaushik. At present, the old techniques in the stock market have become almost ineffective, because with the advent of discount broker houses and the increase in the participation of retail investors in options and delivery in the market, the time has gone when the investors used to buy large amounts of a stock and held for 15 to 20 percent return. At present, most retail investors are either trading on intra-day, making a profit on a single day or making money in a call option of a seven-day short expiry in an option, or taking a small profit in a swing trade, leading to more small range market fluctuations.
The present book written in this context is the only one of its kind in which the author has made a meaningful effort to share many things in few words by incorporating intra-day, option trade and swing trade. The author has shared his 15 years of trading experience through 41 tips, which are essential for all investors—big and small—seeking to earn profits in the stock market.

5 Sarsanghchalak

विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में आरंभ से ही व्यक्ति विशेष के बजाय उसके कार्य को महत्त्व देने की परंपरा रही है। इसीलिए संघ ने किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि भगवा ध्वज को अपना गुरु माना है। यही कारण है कि सरसंघचालकों द्वारा किए गए कार्यों और उनके जीवन के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है। जानकारी कम होने के कारण लोगों के मन में कई प्रश्न उठते हैं और कही-सुनी बातों पर ही कई धारणाएँ भी बना ली गई हैं, जिनमें से अधिकतर भ्रांतियाँ हैं। मसलन एक धारणा यह है कि संघ में सरसंघचालक के पास सबसे ज्यादा शक्तियाँ होती हैं। लेकिन क्या वाकई यह सच है? अंततः संघ के आज के स्वरूप को गढ़ने में सरसंघचालकों की भूमिका और योगदान क्या है? क्या संघ में सरसंघचालक स्वयंसेवकों को चलाते हैं या स्वयंसेवक सरसंघचालक को चलाते हैं? इन प्रश्नों के उत्तर पाने के लिए पाँच सरसंघचालकों की जीवनयात्रा को समझना होगा। इस यात्रा के माध्यम से ही आप संघ की दीर्घ यात्रा को भी और गहरे से जान पाएँगे।

50 Business Kohinoor

इस पुस्तक में बिजनेस की 50 महान् हस्तियों के कारोबारी जीवन-संघर्ष की प्रेरणाप्रद कहानियाँ दी गई हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन, हौसले, इच्छा, उमंग, संघर्ष, सोच और जागरूकता के बल पर स्वयं को शून्य से शिखर पर पहुँचाया। पुस्तक में उनका केवल यशोगान नहीं किया गया है, बल्कि बताया गया है कि वे हर चुनौतियों, मुश्किलों और परिस्थितियों का सामना करते हुए, बिना रुके, बिना थके आगे बढ़ते रहे।
ये जीवन-संघर्ष कठोर होते हुए भी रोचक, रोमांचक और प्रेरक हैं, जिन्हें पढ़कर निश्चित ही हर किसी के अंदर आत्मविश्वास जाग्रत् हो सकता है। यहाँ गागर में सागर को चरितार्थ करते हुए, उनके संक्षिप्त जीवन-परिचय में अधिक-से-अधिक जानकारी देने की कोशिश की गई है।
बिजनेस के चमकते सितारों के व्यक्तित्व से सरल शब्दों में परिचित करानेवाली पठनीय पुस्तक।

50 Great Freedom Fighters

Had it not been for our brave and gallant freedom fighters, India would still be enslaved by the blood-sucking colonisers. Mahatma Gandhi, Mangal Pandey, Bhagat Singh, Subhash Chandra Bose, Veer Savarkasr, Lokmanya Tilak, Chandrashekhar Azad followed another end of the pole, upholding the use of violence to attain the much-elusive freedom and independence. This book is an inspriational collection of 50 Greatest Freedom Fighters who had different stratagems in mind, but all functioned as juggernauts in the National upsurge to battle psychological and corporeal slavery. The pleasant surprise in this list of freedom fighters is that it is not just dominated by male presence, but females also figure in this list. Even the homemakers were brought out of their comfort zones and fight alongside men, painting a feminist picture in the National struggle for freedom. It is hard to forget strong women like Sarojini Naidu to mention a few, who were fearless in the face of danger. This work commemorates all these freedom fighters, without whom India would still be trapped within the shackles of slavery. It is a tribute to all those great souls!

50 Greatest Mathematicians of the World

Mathematics is considered the most dreaded subject. However it is extremely interesting and one should read about it. Had this subject not been interesting then some of the great physicist, doctors, lawyers, poets, story writers, etc., in their later life would not have turned to study it and made great discoveries in the field of mathematics. While mathematics itself may be a form idable subject for many, the lives and accomplishments of history’s greatest mathematicians are fascinating. This book is intended for people interested to know the heroic journey of those great mathematicians who have made important contribution to mathematics, through their ideaes, teaching or in other ways. The main emphasis is on their work and achievement in the field of mathematics.
I hope this book will serve adual purpose: firstly help students realize mathematics is not to be dreaded but helpful in achieving in other subjects; secondly help those who hate the subject respect it.

50 Greatest Speeches of the World

Speeches are in themselves an art. Everyone cannot make speeches. They can of course address the people through words, but they cannot be called speeches. Moreover all the speeches that have been delivered are not good. What then is the quality required for the words to form a good speech.
Great speeches are not time bound. They are eternal rather they have everlasting impact; very often excerpts from them are quoted by other speakers; thus making them timeless.
Some of the speeches included in the book resulted in assassina-tion; execution and war. One of the speeches turned to be very prophetic. It was Martin Luther King’s speech—I’ve been to the Mountaintop, delivered the evening before he was assassinated.
Reading the speeches one gains immensely from the contents. It gives an insight to the time, person who delivered it and the audience it was addressed to. The speaker comes alive through his speeches. Therefore it is fruitful to read the speeches and get to know the speaker through them.
This book I am sure will enlighten the reader and broaden his/her outlook and perceive the orator and his time in a new light.

50 Mahan Swatantrata Senani

जिन लोगों ने देश को स्वाधीन कराने का स्वप्न देखा, इसकी कल्पना की और दृढ निश्चय कर अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, उनका पुण्य स्मरण करना हमारा पुनीत कर्तव्य है। उनके बलिदान को आज की युवा पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा परम धर्म है। जिस आजादी की हवा में हम साँस ले पा रहे हैं, अपने लिए, अपने घर-परिवार के लिए कुछ कर पा रहे हैं, इसमें कहीं-न-कहीं उन सभी के बलिदान की सुगंध है। इसलिए इन हुतात्माओं को कोटि-कोटि वंदन-अभिनंदन!
शहीदों से जुडे़ स्थानों पर जाना, उनको समय-समय पर याद करना व उनको श्रद्धांजलि देना, यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होना चाहिए। आनेवाली पीढि़यों को अपने गौरवमयी अतीत व हमारे शूरवीरों के महान् जीवन से परिचय करवाना हम सबका धर्म
बनता है।
राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करनेवाले हुतात्माओं की एक लंबी शृंखला है। उनमें से 50 अमर सपूतों के प्रेरणाप्रद जीवन से पाठकों को परिचित कराने का यह उपक्रम है, जो निश्चित रूप से हर भारतीय को पढ़ना ही चाहिए।

50 Military Leader

इस पुस्तक में मात्र युद्ध विद्या का बखान नहीं किया गया है, बल्कि ऐसे सैन्य अधिनायकों के जीवन पर रोशनी डाली गई है, जिन्होंने विश्व इतिहास
को अत्यधिक प्रभावित किया, चाहे प्रशंसात्मक दृष्टि में, चाहे निंदात्मक दृष्टि में।
जरूरी नहीं कि इस पुस्तक में शामिल किए गए सभी लीडर सर्वश्रेष्ठ रहे हों या कुशल कूटनीतिज्ञ और महानतम शूरवीर ही रहे हों; मगर इतना तय है कि ये ऐसे लोग थे, जिन्होंने सही या गलत कारणों से युद्धक्षेत्र में कदम रखा और विश्वइतिहास को प्रभावित किया। इवान एक औसत सेनाध्यक्ष था; मगर उसका शासनकाल इतिहास के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। एडोल्फ हिटलर क्रूर सेनानायक था; पर उसके कारण दुनिया में जबरदस्त बदलाव आया।
इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप भी इस बात से इनकार नहीं कर पाएँगे कि इसमें वर्णित लोगों का व्यक्तित्व ऐसा था, जिन्होंने धरती पर मानव जाति के इतिहास पर सर्वाधिक प्रभाव डाला।

50 Safaltam Vyaktiyon Ke Success Secrets

संकल्प • हारने से कैसा डरना • जिंदादिली • लक्ष्य की ओर यात्रा का आनंद • काम में लगे रहें • पूरे मन से काम करें • अपनी प्रतिभा को निखारें • असफलताओं से सीख • अपने मूल्यों को उन्नत करें • जितना हो सके, उतनी मेहनत करें • अपनी टीम को प्रेरित रखें • जो लक्ष्य तय करें, वही करें • खुद पर विश्वास रखें • नकारात्मक न हों • अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें • खूब सपने देखें • धैर्य एवं दृढ़ता • कृतज्ञता • करुणा • आत्मविश्वास • अनुशासन • एकाग्रता • गिरकर हर बार उठना • जिंदगी में प्रतिबद्धता • सही राह पर चलना • मितव्ययिता • कृतज्ञता गुणकारी • सत्य • कुछ भी असंभव नहीं है • दूसरों से सबक लेने से कभी न चूकें • डर और संदेह का सामना करें • सिर्फ पैसा बनाने के लिए कारोबार नहीं • सुनो, बेस्ट लो, बाकी छोड़ो • सकारात्मक दृष्टिकोण • इनसानियत • चीजों को देखने का तरीका बदलें • चरित्र व आचरण की महत्ता • दोष नहीं, उपाय खोजें।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, एलन मस्क, जिग जिगलर, जेफ बेजोस, जैक मा, दलाई लामा, बॉब प्रॉक्टर, मार्क जुकरबर्ग, रतन टाटा, वेन डायर, सुंदर पिचाई, स्टीव जॉब्स, स्वामी विवेकानंद सहित विश्व की सफलतम पचास विभूतियों के प्रेरक व्यक्तित्व से चुने हुए उपर्युक्त बिंदु जीवन में सफलता पाने के गुरुमंत्र हैं। इन्हें व्यवहार में लाकर कोई भी अपने जीवन में सकारात्मक भाव जाग्रत् करके मानवीय जीवनमूल्यों के साथ सफलता के पथ पर आगे बढ़ सकेगा।

500 of the Best Cockney War Stories

“From the countless tales collected by the London Evening News these five hundred, many of them illustrated by the great war-time artist, Bert Thomas, have been chosen as a fitting climax and perpetuation.” -Editor’s Foreword

51 Rochak Baal Kahaniyan

अगले दिन राजीव क्लास से बाहर ही अपनी मैडम से मिला।
‘‘गुड मॉर्निंग मैम!’’ कहकर वह वहीं खड़ा हो गया।
‘‘गुड मॉर्निंग। बोलो राजीव क्या बात है?’’ मैडम ने पूछा।
‘‘मैम, आपसे एक जरूरी बात पूछनी थी।’’
‘‘हाँ-हाँ, बोलो क्या बात है?’’ मैम ने कहा।
‘‘मैम, हमारे पड़ोस में एक लड़का रहता है। वह बोलने में हकलाता है और थोड़ा मंदबुद्धि भी है। क्या उसे स्कूल में दाखिला मिल सकता है?’’ राजीव ने थोड़ा डरते-घबराते हुए अपनी बात कही।
‘‘हाँ-हाँ, क्यों नहीं। अभी कल ही प्रिंसिपल साहब ने इस बारे में घोषणा की है। राजीव तुम क्लास में चलो। इस विषय में सारी बात विस्तार से पता करके मैं तुम्हें कल बताऊँगी।’’ मैडम ने आश्वासन दिया।
‘‘थैंक यू मैम।’’ कहकर राजीव उत्साहपूर्वक क्लास में चला गया।
इसी संग्रह से
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ये कहानियाँ विशेष तौर पर दस से पंद्रह वर्ष के बच्चों व किशोरों के लिए लिखी गई हैं, जिन्हें बढ़ने की उम्र में किसी दिशा को समझने की जरूरत होती है। आशा है इन कहानियों को पढ़कर बच्चे व किशोर अवश्य अपने लिए कोई सार्थक दिशा ढूँढ़ पाने में समर्थ होंगे।